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रविवार, 15 मई 2011

नगर पालिका से गायब हो रहे पत्रों को लेकर पार्षद मुखर हुए---- कमेटियों के गठन की स्वीकृति से सम्बंधित डाक हुई गायब

लाडनूं (कलम कला न्यूज)। स्थानीय नगर पालिका में आने वाली डाक को आवक रजिस्टर में दर्ज करने के बजाये उसे पूरी तरह गायब कर दिया जाता है। इसी तरह की हालत के शिकार खुद पालिकाध्यक्ष बच्छराज नाहटा भी हुए, जिनके खुद के नाम की डीएलबी से आई डाक को भी गायब कर दिया गया, खुद ईओ के नाम की डाक भी गायब हो जाना आश्चर्य की बात है। उन्होंने जब पार्षदों को इससे अवगत करवाया तो सभी पार्षदों को यह बुरा लगा तथा बोर्ड की गत 29 अप्रेल की बैठक में मुखर होकर पार्षदों ने इस मामले में आवाज उठाई।
समितियों के गठन को लेकर हुआ विवाद व टकराव
नगर पालिका मंडल में 31 दिसम्बर की बैठक में समितियों का गठन किया गया, जिसमें अधिशाषी अधिकारी ने 60 दिनों में समितियों का गठन नहीं होने को लेकर आपति दर्ज की, उस पर अध्यक्ष ने बार-बार आदेश दिए जाने के बावजूद ई.ओ. द्वारा बैठक नहीं बुलाकर जानबुझकर देरी करने बाबत प्रति-टिप्पणी दर्ज की। इस कार्यवाही की प्रति नियमानुसार डीएलबी, कलेक्टर, उपनिदेशक अजमेर आदि को भेजी गई। इस के बाद सभी कमेटियों के अध्यक्षों ने ईओ को उनकी समिति की बैठक बुलाने का आग्रह किया, परन्तु बिना डीएलबी की स्वीकृति के बिना बैठक बुलाई जाने से इंकार कर दिया गया। नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा-58(1) के अनुसार दो माह के भीतर समिति की बैठक बुलानी जरूरी है। अधिनियम में कहीं भी इस बात का जिक्र नहीं है कि इसके लिए डीएलबी से पूर्व स्वीकृति ली जावे।
इस सम्बंध में श्रीमती सुमित्रा आर्य, जो गंदी बस्ती सुधार समिति की अध्यक्ष हैं, ने 14 फरवरी को अधिशाषी अधिकारी को एक पत्र बैठक बुलाने बाबत दिया, जो पालिका के आवक रजिस्टर में क्रमांक 1084 पर दिनांक 14-02-11 को दर्ज है।अन्य समितियों केअध्यक्षों ने भी ऐसे ही पत्र दिए, परन्तु उन्हें लेने से इंकार कर दिया गया। श्रीमती सुमित्रा आर्य ने अपने पत्र पर कोई कार्यवाही न होने पर अधिनियम की धारा - 58 (3) के तहत समिति के अध्यक्ष द्वारा बैठक बुलाने के प्रावधान का उपयोग अपने अधिकारों के तहत करते हुए 11 मार्च को बैठक बुलाने की सूचना जारी कर दी, जिसे नगर पालिका के आवक रजिस्टर में क्रमांक 1153 दिनांक 01-03-11 पर दर्ज किया गया। इसमें अध्यक्ष ने नियमानुसार बैठक बुलाने के लिए ईओ को पाबंद भी किया, परन्तु इस बैठक की कार्यवाही स्वयं लिखने, किसी अन्य कर्मचारी को नियुक्त कर कार्यवाही लिखवाने व बैठक में स्वयं मौजूद रहने से भी मना कर दिया तथा कहा कि जब तक उनके पास डीएलबी की स्वीकृति नहीं आ जाती, तब तक वे कुछ नहीं करेंगे। वे डीएलबी को रिमाण्डर भेज देंगे, बाद में जो होगा देखेंगे।
ईओ की टिप्पणी खारिज होने का पत्र हुआ गायब
इसके बाद डीएलबी से पत्र क्रमांक: प.8 (ड़)()बो.प्र./डी एल बी / 10/ 1022 दिनांक 16-3-11
प्राप्त हुआ, जिसमें स्वायत्त शासन विभाग के शासन उप सचिव ने स्पष्ट आदेश दिया कि नगर पालिका लाडनूं की साधारण सभा की बैठक दिनांक 31.12.10 के प्रस्ताव सं. 02 के सम्बंध में अधिशाषी अधिकारी से प्राप्त टिप्पणी को राजस्थान नगर पालिका अधिनियम 2009 की धारा 49(4) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए राज्य सरकार तत्काल प्रभाव से निरस्त करती है। इसके साथ ही अधिशाषी अधिकारी लाडनूं को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि मण्डल द्वारा गठित समितियां विधिवत कार्य कर सकेंगी।
इस पत्र की प्रतियां जिला कलेक्टर, उपनिदेशक क्षेत्रीय अजमेर, अध्यक्ष नगरपालिका लाडनूं आदि को भेजी गई। यह पत्र नगर पालिका के रिकार्ड से गायब होगया। अध्यक्ष व अधिशाषी अधिकारी दोनों की डाक को इंद्राज नहीं किया गया।
स्थगन के कथित पत्र से खुला राज
इसके बाद डीएलबी से पत्र क्रमांक: प.8 (ड़)()बो.प्र./डी एल बी / 10/ 1029 दिनांक 30-3-11 को एक आदेश जारी करके पूर्व समसंख्यक आदेश 1022 दिनांक 16.03.2011 की क्रियान्विति को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया। साथ ही ईओ को बोर्ड बैठक दिनांक 31.12.2010 के प्रस्ताव सं. 02 के सम्बंध में सम्पूर्ण रिकॉर्ड लेकर शीघ्र विभाग के पास उपस्थित होने के आदेश दिए।
इस आदेश की प्रति अध्यक्ष को उपलब्ध करवा दी गई, जिससे पूर्व पत्र के आने और गायब होने की पोल खुली। सभी पार्षदों ने इस सम्बंध में बैठक में ईओ से जवाब मांगा तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए तथा यह भी नहीं बताया कि वे रिकार्ड लेकर जयपुर गए या नहीं। पार्षदों ने भविष्य में इस प्रकार डाक गायब नहीं करने की हिदायत अधिशाषी अधिकारी को बैठक में दी।कमेटियों के गठन की स्वीकृति से सम्बंधित डाक हुई गायब

लाडनूं पालिका का 9 करोड़ का बजट: पारितसंजीदा हाथों से नहीं बना बजट, मजबूरी में करना पड़ा पारित

लाडनूं (कलम कला न्यूज)। स्थानीय नगर पालिका में वर्ष 2011-12 का वार्षिक बजट 9 करोड़ रूपये का पारित किया गया। बजट में कोई भी नया प्रावधान शामिल नहीं किया गया है, केवल पूर्व मदों में राशि बढाई गई है।
अनेक प्रमुख आय मदों की अनदेखी
इसमें पशुवध गृहों से व मांस बाजार से आय को बिल्कुल ही नहीं दर्शाया गया है, जबकि एक्ट व बाईलॉज में इसका स्पष्ट प्रावधान है। तहबाजारी किराए की आय भी बिलकुल ही नहीं बताई गई है, जबकि लाडनूं में तहबाजारी चल रही है। आईडीएसएमटी योजना, निर्बन्ध योजना व अन्य आय नहीं दिखाई गई तथा विधायक व सांसद काटे से 30 लाख की आय बताई गई है। ज्ञातव्य रहे कि वर्ष 2009-10 व वर्ष 2010-11 में विधायक व सांसद कोटे से नगरपालिका को एक पैसा भी नहीं मिला है, जबकि निर्बन्ध योजना में धनराशि प्राप्त हुई है। कुल अनावर्तक आय 5 करोड़ 50 लाख 15 हजार, आवर्तक आय 2 करोड़ 88 लाख 95 हजार 100 एवं प्रारम्भिक शेष 60 लाख 89 हजार 900 बताते हुए बजट तैयार किया गया है।
कैसे बढाया 10 गुना खर्च
बजट की व्यय मदों में कुछ में अत्यधिक वृद्धि दर्शाई गई है। यात्रा भत्ता गत वर्ष 2010-11 में मात्र 19 हजार 800 था, लेकिन इस वर्ष यह प्रावधान 2 लाख रूपये कर दिया गया, पुस्तकें व समाचार पत्र खरीद के गत वर्ष कुल व्यय 5 हजार 100 था, जिसे बढाकर 20 हजार कर दिया गया। प्रचार विज्ञापन के वास्तविक व्यय 1 लाख 54 हजार 600 को बढाकर 4 लाख कर दिया गया। बिजली सामान क्रय का पिछला वास्तविक आंकड़ा 2 लाख 51 हजार 400 था, जिसे बढाकर 8 लाख कर दिया गया है। पशु फाटक के लिए मय चारा व अन्य खर्च सहित वास्तविक खर्च 28 हजार 300 था, जिसे बढाकर ढाई लाख कर दिया गया।
बिना कर्मचारी ही उनके 3 लाख के भत्ते
बजट में उद्यान अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन-भत्ते बिलकुल ही नहीं बताए गए हैं क्योंकि ऐसे कर्मचारी व अधिकारी हैं ही नहीं, परन्तु इसके बावजूद अन्य भत्ते उन्हीं के लिए 3 लाख के दिखा दिए गए हैं।
पालिका फण्ड का ये कैसा उपयोग
कुल 21 लाख 50 हजार रूपये पालिका फण्ड विकास मदों में खर्च किए जाने बताए गए हैं। पालिका फण्ड से नई सड़कों के निर्माण के लिए कोई भी प्रावधान नहीं रखा गया है, परन्तु पालिका फण्ड से ही अन्य नये निर्माण कार्यों पर 10 लाख रूपये खर्च किए जाने दिखाए गए हैं, राम जाने वे कहां खर्च होंगे। इसी प्रकार पालिका फण्ड से सड़को व भवन के रखरखाव पर 5 लाख रूपये, सार्वजनिक शौचालयों व मत्रालयों के निर्माण पर 2 लाख रूपये, बिजली लाईन वृद्धि के लिए 2 लाख रूपये, उद्यान निर्माण के लिए 50 हजार, पालिका भवनों के रखरखाव के लिए 2 लाख रूपये खर्च करने के लिए प्रावधान रखे गए हैं।
कच्ची व गंदी बस्तियों की पूरी उपेक्षा
राज्य सरकार द्वारा पूरा जोर देकर कच्ची व गंदी बस्तियों का सुधार करने के लिए प्राथमिकता से धनराशि खर्च करने के आदेशों की बजट में पूरी तरह अवहेलना की गई है। कच्ची बस्ती सुधार एवं इससे सम्बंधित किसी भी कार्य के लिए कोई योजना व खर्च के लिए कोई प्रावधान बजट में नहीं रखा गया है। आईडीएसएमटी, ईएफसी निर्बंध योजना के तहत कोई खर्च प्रावधान नहीं रखा गया है। सहभागी योजना में मात्र 35 लाख का प्रावधान किया गया है, जो बहुत कम है।
दबाव से पारित हुआ बजट
बजट पारित तो अवश्य हो गया, बजट की प्रतियां सदस्यों को मात्र एक से दो दिनों पूर्व ही उपलब्ध कराई गई तथा उन पर दबाव बनाया गया कि अगर बजट पास नहीं हुआ तो नगर पालिका के सारे कार्य रूक जाएंगे। इससे बजट को जैसा का तैसा पारित करना पड़ा। बजट प्रावधानों को पढने व उन्हें समझने का मौका ही पार्षदों को नहीं मिला। लेकिन यह स्पष्ट है कि बजट बनाने में कोई संजीदगी नहीं बरती गई, जबकि यह काम कमेटियों को सौंपा जाता तो बजट बेहतरीन बन सकता था। लाडनूं पालिका का 9 करोड़ का बजट पारितसंजीदा हाथोंं से नहीं बना बजट, मजबूरी में करना पड़ा पारित

993 कार्टन अंग्रेजी शराब की तस्करी पकड़ी पशु आहार की बिल्टी: हरियाणा से जा रही थी गुजरात: 25 लाख थी कीमत

लाडनूं (कलम कला न्यूज)। अल्माहा ब्राण्ड के पशु आहार की 15 हजार किग्रा की जेएमडी गुड्स कैरियर की बिल्टी व लौंगल्फ ट्रेडिंग (इंडिया) प्रा.लि. के बिल, जो गणेश ट्रेडिंग कं. नयापुरा महाराष्ट्र के नाम से जारी था के फर्जीवाड़े से एक ट्रक सं. जी जे 1 बी वी 1156 में 993 कार्टन हरियाणा निर्मित अंग्रेजी शराब भरकर उसे सिरसा(हरियरणा) से अहमदाबाद ले जाया जा रहा था। लम्बा सफर तय कर आते समय लाडनूं से गुजरना उनके लिए भारी पड़ा, पुलिस ने उसे डीडवाना रोड पर बाकलिया व सांवराद के बीच मेगा हाईवे पर धर-दबोचा। ट्रक चालक देसराज पुत्र अणदीलाल रैबार, निवासी मोहनपुरा(बूंदी) व सहचालक जुगराज पुत्र दौलतराम रैबारी निवासी लालपुरा(बूंदी) को गिरफ्तार किया है, जिन्हें रिमाण्ड पर लिया जाकर पूछताछ जारी है। थानाधिकारी दरजाराम मेघवाल के निर्देशानुसार सहायक उपनिरीक्षक सवाईखां के नेतृत्व में श्यामलाल, शिम्भूराम, रामप्रसाद सिपाही व चालक बजरंगलाल विश्रोई ने इस अभियान को सफल बनाया। बरामद की गई शराब में 10 632 केन हार्वर्ड 5000 बीयर, 2256 पव्वे एरिस्टोक्रेट प्रीमियम, 2064 पव्वे डीएसपी ब्लेक, 2400 पव्वे सिल्वर पेज, 567 बोतल एरिस्टोक्रेट ओल्ड रिजर्व व्हिस्की, 2304 पव्वे ब्लेंडर प्राइड, 2304 पव्वे सिल्वर पेज ड्राईजिन, 108 बोतल सिग्रेचर व्हिस्की, 96 बोतल ब्लेंडर प्राइड, 360 बोतल एरिस्टोक्रेट प्रिमीयम व्हिस्की,1440 बोतल रॉयल स्टेज व्हिस्की, 1188 बोतल सिल्वर पेज ड्र्राईजिन के कुल 993 कार्टन इस ट्रक में लदे थे। इस ट्रक की आर.सी संतोषकुमार दुलीचंद जैन, घोडासर अहमदाबाद के नाम से है। थानाधिकारी दरजाराम गहनता से अनुसंधान में जुटे हुए हैं।

SHORT NEWS OF LADNUN

सेवादल कार्यकर्ताओं का जयपुर कूच 21 को लाडनूं । कांग्रेस सेवादल के मुख्य बलॉक संगठक मो. मुश्ताक खां हाथीखानी ने बताया कि 21 मई को जयपुर में होने वाले कांग्रेस सेवादल के प्रादेशिक सेमिनार में भाग लेने के लिए लाडनूं से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता कूच करेंगे। उन्होंने जानकारी दी कि जयपुर में 21 मई को बिड़ला ऑडिटोरियम में अयोज्य इस सेमिनार में जगदीश टाईटलर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सी.पी.जोशी, सेवादल के मुख्य प्रदेश संगठक सुरेश चौधरी, महेन्द्र जोशी, रामजीलाल आदि कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। लाडनूं क्षेत्र में इसके लिए व्यापक स्तर पर जनसम्पर्क करके कार्यकर्ताओं को तैयार किया जा रहा है। सृष्टि में सबकुछ पूर्व नियोजित- प्रपन्न महाराज: गुनपालिया में भागवत कथावाचन लाडनूं । राष्ट्रीय संत स्वामी नवराज प्रपन्न महाराज ने कृष्ण के जन्म के अवसर पर नन्दग्राम में मनाए गए उत्सव का वर्णन करते हुए कहा कि वो एक ऐसा अवसर था कि समूचा गांव खुशियां मना रहा था और बाल कृष्ण मंद मंद मुस्करा रहा था, कयोंकि अब वह समय आ रहा था, जब कंस जैसे अनेक दुष्टों का विनाश निश्चित था। उन्होंने तहसील के गुनपालिया ग्राम के मधुवन में आयोजित श्रीमदभागवत ज्ञानयज्ञ सप्ताह में सम्मिलित श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए आगे कहा कि जब जब भी इस धरा पर संकट के बादल मंडराते हैं तो ईश्वरीय लीलाओं से उनके विनाश के कारण भी स्वत: ही बन जाते हैं। इस सृष्टि में सभी कुछ ऐसा है कि जैसे वो सारा पूर्व नियोजित हो। कृष्ण का अवतरण इसी क्रम का एक हिस्सा था। ग्राम गुनपालिया में कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। आयोजक बद्रीप्रसाद शर्मा ने बताया कि सोमवार को स्वामी जी व्यास पीठ से गिरीराज धारण, महारास, गोपियों के विरह, रूकमणी विवाह के बारे में व्याख्यान देंगे तथा इस अवसर पर मनोहारी जीवन्त झांकियों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। भागवत कथा 17 मई तक चलेगी तथा 18 मई को हवन, पूर्णाहुति व महाप्रसाद का आयोजन किया जाएगा। पालिका बैठक की कार्यवाही को लेकर पार्षदों में असंतोष: ईओ लिखा पत्र लाडनूं । स्थानीय नगरपालिका मंडल की बैठक की कार्यवाही लम्बे समय बाद भी नहीं लिखे जाने तथा उसकी प्रतियां सदस्यों को नहीं दिए जाने को लेकर असंतुष्ट पार्षदों ने अधिशासी अधिकारी को पत्र देकर तुरन्त कार्यवाही की प्रतियां उपलबध कराए जाने तथा देरी का कारण पूछा है। पार्षद मो. खलील बिसायती, फैजूखां, भंवरलाल बावरी, मो. सलीम पंवार ने संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कर यह पत्र ईओ को सौंपा। पार्षद मो. खलील व फैजूखां ने बताया कि नगर पालिका अधिनियम के अनुसार पालिका के बोर्ड की बैठक के सात दिनों के अन्दर कार्यवाही लिखित रूप से सदस्यों के पास पहुंच जानी चाहिए, लेकिन गत बैठक 29 अप्रेल को हुई, जिसे एक पखवाड़े से भी अधिक समय हो चुका परन्तु अभी तक बैठक की कार्यवाही नहीं लिखी गई, उन्होंने संदेह जताया कि कार्यवाही लेखन में हेराफेरी की जा सकती है। बढी पैट्रोल दरों का विरोध लाडनूं । केन्द्र सरकार द्वारा पांच राज्यों में चुनाव सम्पन्न होते ही पैट्रोल की कीमतों में अचानक बेतहासा वृद्धि किए जाने को लेकर पूर्व विधायक मनोहरसिंह ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस वृद्धि को जनविरोधी कदम करार दिया तथा कहा कि सुरसा की तरह बढती मंहगाई पर किसी भी प्रकार का नियंत्रण कर पाने में केन्द्र पूरी तरह असमर्थ रहा है और अब पैट्रोल की कीमतें बढाकर मधम वर्ग की कमर तोड़ डाली गई है। उन्होंने बताया कि इस एक साल में पेट्रोल की कीमतों में नौ बार बढोतरी की गई है, जो सरासर अनुचित है। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों का खामियाजा आगामी चुनावों में कांगे्रस को भुतना पड़ेगा।

रविवार, 13 मार्च 2011

कानून-सम्मत कार्रवाई कर कसें अपराधियों पर सिकंजा

अनुसंधान करते समय ध्यान रखने योग्य बातें:-
पुलिस को नए-नए साधन जुटाकर जहाँ अपराधियों की धरपकड़ के भिन्न-भिन्न तरीके ढूंढने पड़ रहे हैं, वहीं अपराधियों ने भी आधुनिक संसाधनों से बच निकलने के नए-नए तरीके ढूंढ निकाले हैं। एक और अपराधी जहां बचने की नीयत से बंदी प्रत्यक्षीकरण, न्यायालय की अवमानना जैसी झूठी याचिकाओं का सहारा लते हैँ, वहीं पुलिस पर मानवाधिकारों के खुले उल्लंघन का आरोप लगाकर कानून से बचने का प्रयास करते हैं। कई बार हिरासत में रखे अभियुक्त थाने के लोकअप में दरवाजे से सिर फोड़ कर, थाने के बाथरूम में पड़े ब्लेड इत्यादि से अपने को घायल कर, बाथरूम की खिड़की से फंदा लगाकर, रसोई से चाकू उठाकर अपना गला काटने के प्रयास इत्यादि की घटनाओं से पुलिस को परेशानी में डाल देते हैं। इस प्रकार के अनेक मामलों के चलते, घर में घुसकर मारपीट करना, औरतों के साथ बदसलूकी करना, चोरी आदि की अनेक शिकायतें पुलिसकर्मियों के विरूद्ध दबाव डालने के लिए आती ही रहती हैं।
कई बार आम जनता द्वारा मुल्जिम की थाने में पिटाई की जाने की फरमाइशें की जाती हैं और कहा जाता है कि जब तक पुलिस अच्छी तरह से बदमाशों की पिटाई नहीं करती, तब तक वे सुधरते नहीं। लेकिन गैर कानूनी फरमाइशों को नजर अन्दाज करते हुए अनुसंधान करते हुए निम्रांकित बातें ध्यान में रखी जानी चाहिएं :-
- माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा प्रतिपादित दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना करें।
- गिरफ्तार करने से पूर्व तथा लोकअप में डालने से पूर्व मुल्जिम की बारीकी से तलाशी लेवें।
- न्यायालय के समक्ष पेश करने से पूर्व उसकी गतिविधियों पर पूर्ण ध्यान रखें, ताकि वह कोई ण्ेसा कार्य नहीं कर बैठे जो पुलिस को परेशानी में डाल देवे।
- बाहर से पिट कर आए मुल्जिम का मेडिकल चैकअप करावें व आवश्यकता हो तो अस्पताल में भर्ती कराकर उसे चिकित्सकीय सहायता दिलावें।
- थाने के बाथरूम इत्यादि साफ-सुुथरे रखें तथा वहां पर कोई ऐसी वस्तु नहीं हो जिससे मुल्जिम कोई गलत हरकत कर बैठे।
- मुल्जिम से सतत पूछताछ जारी रखें एवं शॉर्टकट के लिए यातना का सहारा नहीं लेवें। कहीं आपका शॉर्टकट आपको कोई लम्बा रास्ता नहीं दिखा देवे।
- अनुसंधान में कड़ी से कड़ी जोड़कर साक्ष्य एकत्रित करें ताकि मुल्जिम अपना अपराध स्वीकार करे।
- मुल्जिम यदि अपराध नहीं भी स्वीकार करे तो आपे साक्ष्य व कहानी इतनी स्पष्ट व सही होवें कि न्यायालय उन पर विश्वास करे तथा मुल्जिम बच नहीं सके।
- कई बार गवाह पक्षद्रोही हो जाते हैं। अत: ऐसे गवाह रखें जो लालचवश या मुल्जिम से रिश्तदारी के कारण पक्षद्रोही न होवें।
- आवश्यकतानुसार गवाह व साक्ष्य रखें। लम्बे-चौड़े गवाह व साक्ष्य मुकदमे को विरोधाभास के कारण कमजोर बना देते हैं।
- अंधेरे में तीर चलाने की भांति तफतीश को एक दिशा में ही लेकर नहीं चले बल्कि सभी विकल्पों पर विचार करें तथा जो विकल्प साक्ष्यों की कड़ी से कड़ी जोड़ता प्रतीत हो उसे शीघ्रता से आगे बढावें।
- पुराने समय में मुल्जिम (चोरी, नकबजनी, लूट इत्यादि के) स्थानीय या आस-पास के क्षेत्रों के होते थे। लेकिन आज तेज गति के वाहनों व मोबाइ्र्रल, इंटरनेट जैसे साधनों के कारण मुल्जिमों की क्षेत्र सीमा असीमित है। अत: किस प्रकार के साधन से वारदात की गई, यह पता चलने पर दूर-दूर के क्षेत्रों के अपराधियों की भी पतारसी (ङ्खद्धद्गह्म्द्गड्डड्ढशह्वह्लह्य), जैसे उनकी उपस्थिति, न्यायालय में पेशी पर आने का दिन, जेल से छूटने का समय, जेल में कौन-कौन व किस-किस गेंग से सम्बंधित अपराधी उसके साथ रहे इत्यादि मालूम करें।
आमतौर पर मुकदमों की असफलता निम्र कारणों से होती है:-
1. न्यायालय द्वारा बार-बार तामील हेतु भेजने के उपरांत भी गवाहों के सम्मन/वारंट तामील नहीं होने व गवाह न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के कारण उनकी साक्ष्य बंद कर दिए जाने पर साक्ष्य के अभाव के कारण।
2. न्यायालय द्वारा साक्षीगण को तलबी के उपरांत भी किसी कारणवश निश्चित दिवस पर साक्ष्य नहीं होने पर उनकी मानसिकता बदल जाती है और अभियोजन के अनुकूल बयान नहीं देते।
3. साक्षीगण का पक्षद्रोही होना या गम्भीर प्रकृति के अपराधों में मुल्जिम द्वारा उनको धमकी दी जाकर बयान अपने पक्ष में करवाना।
4. अभियोजन पक्ष द्वारा अभियोग की सफलता के लिए दिलचस्पी नहीं लेना और साक्षीगण को उनके पूर्व कथनों से अवगत नहीं कराए जाने पर उनके द्वारा अभियोजन के हितबद्ध बयान नहीं दे पाना।
5. अभियोजन द्वारा समय पर वजह सबूत नयायालय में पेश नहीं किया जाना व इससे संबंधित समुचित जवाब पेश नहीं होने के कारण मुल्जिम पक्ष को लाभ का मिलना।
6. कमजोर अनुसंधान जिसमें साक्ष्यों की कड़ी से कड़ी नहीं जोड़ी जा सकी हो।
अत: अनुसंधान के सभी तकनाकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए साक्ष्यों की कड़ी से कड़ी जोड़ कर आगे बढना होगा और कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए अपराधियों को कानून के सिकंजे में कसना होगा।

नागौर जिले के लिए बजट-घोषणाएं: मकराना में ओवरब्रिज, सिवरेज लाईन ओर परबतसर तक रेल लाईन

नागौर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य विधानसभा में पेश किए गए बजट में नागौर जिले को कई सौगातें देने की घोषणा की है। कई बड़ी योजनाओं पर काम होने के संकेत भी दिए हैं।
हालांकि इस बजट में नागौर जिले की महत्वपूर्ण नहरी पानी की योजना को छुआ तक नहीं गया है जो यहां के लोगों की सबसे अहम जरूरत है। मकराना व परबतसर शहरों के बीच रेल लाइन डाइवर्जन की घोषणा का तोहफा भी इस बजट में दिया है। बजट में इन प्रावधानों की घोषणा नागौर जिले के लिए की गई है-
1. मकराना से परबतसर रेल लाईन: मकराना क्षेत्र में अब सुरक्षित खनन के लिए परबतसर से मकराना तक रेललाइन डाइवर्जन के लिए सात करोड़ रुपए रेलवे को जमा कराए गए हैं। इस डाइवर्जन से परबतसर को रेल सुविधा से जोड़े जाने के संकेत भी मुख्यमंत्री ने दिए।
2. मकराना व डीडवाना में सिवरेज लाईन: मकराना व डीडवाना में शहरी क्षेत्र में सीवरेज लाइन बिछाने की योजना को मंजूरी। इससे जिले को दोनों महत्वपूर्ण शहरों का कायापलट होने की उम्मीद जगी है।
3. राशन में आटा: नागौर जिला मुख्यालय पर एपीएल परिवारों को फोर्टीफाइड आटा देने की घोषणा। यह योजना हाल ही मेें नागौर में शुरू भी कर दी गई है। इस गेहूं का वितरण शुरू भी किया जा चुका है।
4. तेजा मंदिर के लिए
50 लाख: खरनाल के वीर तेजाजी मंदिर में विकास के लिए 50 लाख रुपए देने की घोषणा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पिछले दिनों इस मेले में तेजाजी के दर्शन करने आए थे।
5. कोयला खानों से पानी के लिए पैसा: जायल क्षेत्र के लोगों की पेयजल समस्या को ध्यान में रखते हुए मातासुख लिग्नाइट परियोजना से मीठा जल आपूर्ति करने के लिए 141 करोड़ रुपए की घोषणा। फ्लोराइड युक्त पानी पीने का अभिशाप झेल रहे क्षेत्र को इससे लाभ मिलेगा।
6. वन्य जीव उपचार: जोधपुर व बीकानेर के अलावा नागौर में घायल वन्य जीवों की उपचार की विशेष व्यवस्था की जाएगी। इस व्यवस्था से यहां के वन्य जीवों को जीवन रक्षक प्रणाली का लाभ मिल सकेगा।
7. मकराना में बनेगा ओवरब्रिज: मंगलाना से मकराना के बीच आने वाले रेल फाटक पर ओवरब्रिज निर्माण के लिए 26 करोड़ रुपए मिले हैं। इससे क्षेत्र के लोगों को बार बार फाटक बंद होने की समस्या से निजात मिलेगी।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वैट की छूट से हुए गेहूं, चावल, कैरोसीन सस्तेे

सार्वजनिक वितरण प्रणाली में वैट की छूट से हुए गेहूं, चावल, कैरोसीन सस्तेे
नागौर। राज्य सरकार की बजट सत्र 2011-12 की घोषणा के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले खाद्यान्न में वैट की छूट दी गई है। जिला रसद अधिकारी भेराराम डिडेल ने बताया कि सरकार के बजट सत्र की घोषणा के अनुसार आम व्यक्ति से लेकर चयनीत व्यक्ति तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले खाद्यान्नों में वैट की छूट आदेशों की पालना की गई है। उन्होंने बताया कि एपीएल परिवारों को पूर्व में 7 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से मिलने वाला गेहूं 6.70 रू0 प्रति किलोग्राम, विशेष तदर्थ आवंटन में 9.50 रू0 प्रति किलोग्राम की बजाय 9.10 रू0 प्रति किलोग्राम की दर से उपलब्ध करवाया जाएगा। इसी तरह एपीएल चावल 9.50 रू0 प्रति किलोग्राम के स्थान पर 9 रू0 प्रति किलोग्राम और केरोसीन 13.75 रू0 प्रति लीटर के स्थान पर 13.25 रू0 प्रति लीटर के हिसाब से उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से उपलब्ध करवाया जाएगा।
आटा वितरण के लिए अधिकृत
भेराराम डिडेल ने बताया कि खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग के निर्देशानुसार मैसर्स शक्ति एन्टरप्राईजेज प्रा. लि., बाड़मेर रोड़ जोधपुर को आगामी आदेशों तक नागौर जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आटा वितरण के लिए अधिकृत किया गया है। उन्होंने बताया कि शक्ति एन्टरप्राईजेज द्वारा नागौर शहर के 4082 राशन कार्डो पर 406.60 क्विंटल आटा आपूरित किया जाएगा।