यह ब्लॉग खोजें

पृष्ठ

शनिवार, 5 मार्च 2011

बदहाल है लाडनू का अस्पताल

दुर्दशा का शिकार लाडनूं का सौ शैयाओं वाला अस्पताल
लाडनूं। स्थानीय एकसौ शैयाओं वाले राजकीय चिकित्सालय में चिकित्सकों एवं सहायक स्टाफ के रिक्त चल रहे पदों के कारण क्षेत्र के निवासियों को हो रही परेशानियों के मद्देनजर युवक कांग्रेस ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के नाम का एक ज्ञापन उपखंड अधिकारी नारायणलाल रेवाड़ को सौंपा। युवक कांग्रेस अध्यक्ष हरिराम बुरडक़ के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में बताया गया है कि राजकीय चिकित्सालय में कुल 13 चिकित्सकों के पद रिक्त चल रहे हैं जिनमें शल्य चिकित्सकों के दो पद, निश्चेतन चिकित्सक के दो पद, ऑर्थोपीडिक्स का एक पद, ईएनटी विशेषज्ञ का एक पद, शिशु रोग चिकित्सक का एक पद, मेडिकल ऑफिसर के छरू पद शामिल है। वहीं सहायक स्टाफ में मेल नर्स के तीन पद, महिला नर्स के दो पद व चपरासी के चार पद रिक्त चल रहे हैं। उन्होंने सभी पदों पर सीधे नियुक्ति की मांग की है। इस अस्पताल को लेकर सजग नागरिक मोर्चा के अध्यक्ष जगदीश यायावर, कांग्रेस अभाव अभियोग प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष मुश्ताक खां हाथीखानी, भारतीय माईनोरिटीज सुरक्षा महासंघ के वरिष्ठ प्रदेश उाध्यक्ष मास्टर मो. बिलाल मुगल, जिला आयोजना समिति की सदस्य श्रीमती सुमित्रा आर्य पार्षद आदि ने भी व्यवस्थाओं को लेकर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री एमामुद्दीन अहमद उर्फ दुर्रू मियां को पत्र लिखा है। पत्र में अस्पताल में सभी रिक्त पदों को भरे जाने की मांग करते हुए बताया है कि अस्पताल में आवश्यक चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ नहीं होने के कारण अस्पताल पूरी तरह दुर्दशा का शिकार है तथा 100 शैयाओं का यह अस्पताल पूरी तरह सूनसान नजर आने लगा है। आम नागरिकों को ईलाज के लिए निजी चिकित्सालयों के चक्कर लगाने व भारी खर्च के नीचे आने पर मजबूर होना पड़ रहा है। यह अस्पताल लगातार डाक्टरों के तबादलों का शिकार होकर बदहाल हो चुका है।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें