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शनिवार, 5 मार्च 2011

थानाधिकारी सारस्वत को वापिस लगाए जाने की मांग हटाने की पीछे साजिश का आरोप

थानाधिकारी सारस्वत को वापिस लगाए जाने की मांग
हटाने की पीछे साजिश का आरोप
लाडनूं। सजग नागरिक मोर्चा के अध्यक्ष जगदीश यायावर ने थानाधिकारी घेवरचंद सारस्वत को लाडनूं पुलिस थाने से हटाकर लाईन हाजिर करने के आदेश को अनुचित बताते हुए उन्हें पुन: लाडनूं लगाए जाने की मांग की है। यायावर ने जिला पुलिस अधीक्षक डा. बी.एल. मीणा को लिखे पत्र में अवगत कराया है कि थानाधिकारी सारस्वत ने लाडनूं में लम्बे समय से हो रही चोरियों पर चंद ही समय में अंकुश कायम किया, वहीं शहर में आंक-दड़े व गुब्बे की खाईवाली पर पुरजोर अंकुश लगाया गया। लम्बे समय से लगातार हो रही चोरी की वारदातों पर रोक लगाने के लिए वे स्वयं रातभर गश्त पर निकलते थे। कहीं जीप में, कभी मोटरसाईकिल पर व कभी पैदल और कभी सिविल ड्रेस में घूमकर उन्होंने अंततोगत्वा चोरों को पकडऩे में कामयाबी हासिल की और इसी प्रकार हत्या के उलझे हुए मामले को उन्होंने आते ही सुलझाकर हत्यारों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की। पुलिस के माध्यम से होने वाली अवैध उगाही व चंदा वसूली को पूरी तरह बंद किए जाने से जहां अनेक पुलिसकर्मी उनसे नाराज थे वहीं अपराधियों सिफारिश लेकर आने वाले राजनेताओं को महत्व नहीं दिया जाने से कतिपय लोग उनसे नाराज थे। थानाधिकारी को अपनी स्वच्छ छवि, स्पष्टवादिता और कर्मठता से ड्ïयूटी पालन का ईनाम लाईन हाजिर करने के रूप में दिए जाने को अनुचित बताते हुए उन्होंने पत्र में लिखा है कि कुछ पुलिसकर्मियों की मिलीभगत के चलते क्रिकेट के सौदे को उनकी गैर हाजिरी में पुन: शुरू करवाया गया, जिसमें स्थानीय पुलिस थाने के दोषी पुलिसकर्मियों का पता लगाने की बजाए थानाधिकारी पर कार्रवाई की जानी गलत बताई है तथा उन्हें वापिस लगाए जाने की मांग की है।

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